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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक समेत कई टॉप बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के ग्राहकों को 1 अप्रैल 2021 से OTP (वन टाइम पासवर्ड) मिलने में दिक्कत हो सकती है। इसका सीधा असर वित्तीय लेन-देन (फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन) से जुड़ी प्रक्रिया पर पड़ सकता है। दरअसल, 1 अप्रैल से SMS स्क्रबिंग को पूरी तरह लागू किया जा रहा है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि टेलिकॉम रेगुलेटर ट्राई ने टेलिकॉम कंपनियों से 1 अप्रैल से SMS चेकिंग फिल्टर्स को दोबारा एक्टिवेट करने को कहा है। साथ ही, ऐसे SMS ट्रैफिक को ब्लॉक करने के लिए कहा गया है, जो कि रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स (नियामक मानक) का पालन नहीं करते हैं।

ट्राई की डिफॉल्टर्स लिस्ट में कई टॉप बैंक
हालांकि, टेलिमार्केटर्स ने चेताया है कि परेशान या तंग करने वाले SMS रोकने से जुड़े नियमों की वापसी एक बार फिर फाइनेंशियल और ई-कॉमर्स जैसे सर्विसेज में बड़ी रुकावट की वजह बन सकती है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि तंग या परेशान करने वाले SMS को कंट्रोल करने से जुड़े नियमों का पालन न करने वाली लिस्ट में 40 से ज्यादा बिजनेस इकाइयां शामिल हैं। इस लिस्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एचडीएफसी बैंक, ICICI बैंक, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) समेत कई टॉप बैंक और वित्तीय संस्थान हैं। ट्राई के नियमों को न मानने वाले संस्थानों की एक अलग लिस्ट में 35 से ज्यादा नाम हैं। इसमें कई SMS एग्रीगेटर्स शामिल हैं। 

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जरूरी मानदंडों को पूरा नहीं कर पाए हैं कई बैंक
ट्राई ने कहा है, ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक समेत कई प्रमुख बैंक कंटेंट टेम्पलेंट आईडी, पीई ID (एसएमएस सेंडर आईडी) जैसे जरूरी मानदंडों को पूरा नहीं कर रहे हैं। जिन मामलों में कंटेंट टेम्पलेट रजिस्टर्ड है, उनमें भी डिलीवरी के खातिर टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSP) को ऐसे मेसेज भेजते समय मानकों को नहीं पूरा किया जा रहा।’ टेलिकॉम कंपनियों और सभी टेलिमार्केटिंग फर्मों को भेजे गए 25 मार्च की तारीख वाले लेटर में ट्राई ने कहा है, ‘नियामक जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रमुख इकाइयों को पर्याप्त मौके दिए गए हैं। ग्राहकों को रेगुलेटरी प्रोविजंस के फायदों से वंचित नहीं रखा जा सकता है।’

जानें, आखिर क्या है स्क्रबिंग
ट्राई ने कहा, ‘इसी को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है कि 1 अप्रैल 2021 से स्क्रबिंग में नियामक मानदंडों को पूरा करने में नाकाम रहने वाले किसी भी मेसेज को रिजेक्ट कर दिया जाएगा।’ स्क्रबिंग का मतलब अपने ग्राहकों को कमर्शियल SMS भेजने वाली प्रत्येक इकाई (प्रिंसिपल इंटिटी) की तरफ से सबमिट किए गए प्री-रजिस्टर्ड टेम्पलेट के साथ SMS कंटेंट का मिलान करना है। अगर कंटेट, पहले से रजिस्टर्ड टेम्पलेट के साथ मैच नहीं करता है तो टेलिकॉम कंपनियां मेसेज को ब्लॉक कर देंगी। 

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8 मार्च को पहले दिन ड्रॉप हुए 40 करोड़ मेसेज
टेलिकॉम ऑपरेटर्स 8 मार्च से अब 23 दिन बाद स्क्रबिंग शुरू करेंगे। 8 मार्च को सबसे पहले फिल्टर्स ऐक्टिवेट किए गए थे, उस समय OTP जैसी अहम सर्विसेज बाधित हुई थी। 8 मार्च को एक्टिवेशन के पहले दिन 40 करोड़ मेसेज ड्रॉप हुए थे। इसके बाद, ट्राई को अस्थायी रूप से स्क्रबिंग रोकने के लिए कहना पड़ा था। इंडस्ट्री को डर है कि सख्त नियमों के कारण कमर्शियल SMS ट्रैफिक वॉट्सऐप जैसे OTT प्लैटफॉर्म की तरफ भी डायवर्ट हो सकता है। 17 प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंकों को अभी नए SMS फ्रेमवर्क को लागू करना है। इसके अलावा, फ्लिपकार्ट, बजाज फाइनेंस, इंडियाबुल्स, कोटक सिक्योरिटीज जैसी कंपनियां भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

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