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केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उनके साथ, राज्य के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी मौजूद थे। बैठक के बाद चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार को कोई खतरा नहीं है और पूरी तरह से सुरक्षित है। वहीं, खट्टर ने भी कहा कि हरियाणा सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।

अमित शाह के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, ”हरियाणा किसान आंदोलन का केंद्र है इसलिए राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा की।” उन्होंने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने कानूनों पर रोक लगाकर कमेटी का गठन कर दिया। इन सबके बारे में भी चर्चा हुई। 26 जनवरी के इवेंट सही तरीके से होने चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्रीय पर्व है। किसानों ने भी अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि सबकुछ शांतिपूर्ण ही होगा। मुझे उम्मीद है कि वे अपने आंदोलन को खत्म कर देंगे और वापस घर चले जाएंगे।

मुख्यमंत्री खट्टर ने आगे कहा कि राज्य में राजनीतिक स्थिति ठीक है। विपक्ष और मीडिया द्वारा की जा रही अटकलें निराधार हैं। हमारी सरकार मजबूत चल रही है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी। वहीं, किसानों के आंदोलन पर हरियाणा के डिप्टी सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी गठित की है, उम्मीद है कि चीजें जल्द सुलझ जाएंगी। उन्होंने पीटीआई से कहा, ”हमारी सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। 

केंद्र द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों का समर्थन करने को लेकर किसान संगठनों ने खट्टर को निशाना बनाया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने रविवार को करनाल में किसान महापंचायत के स्थल पर तोड़फोड़ की जहां खट्टर कानूनों के समर्थन में लोगों को संबोधित करने वाले थे। हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी जननायक जनता पार्टी के विधायकों के एक धड़े ने भी केंद्रीय कानूनों का विरोध किया है।

किसानों को प्रदर्शन खत्म कर देना चाहिए : खट्टर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नए कृषि कानूनों को लेकर समिति गठित करने के बाद अब अपना आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए। कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, ”गेंद अब कोर्ट के पाले में है और मेरा मानना है कि उसका जो भी फैसला होगा वह सबको स्वीकार्य होगा।” कोर्ट की तरफ से बनाई गई चार सदस्यों की समिति में बीकेयू के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान, शेतकारी संगठन (महाराष्ट्र) के अध्यक्ष अनिल घनवत, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान दक्षिण एशिया के निदेशक प्रमोद कुमार जोशी और कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी शामिल हैं



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