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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने खिलाफ बोलने-लिखने वालों पर दमनकारी नीति अपनाते रहते हैं। पड़ोसी देश में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो, जो चीनी राष्ट्रपति की मुखर होकर आलोचना करे और उसके खिलाफ कार्रवाई न की जाए। चीनी सरकार की बर्बरता की तस्वीर दुनिया के सामने आने से रोकने के लिए ड्रैगन नए कदम उठा रहा है। हाल ही में उसने ब्लॉगर्स को लिखने से रोकने की कोशिश की है। इसके अलावा, वह ब्लॉगर्स के लिए नए नियम लेकर आ रहा है, जिससे कई मुद्दों पर लिखना लोगों के लिए मुश्किल हो जाएगा। चीन की ऐसी ही कार्रवाई का शिकार हुए मा शियाओलिन ने बताया कि उनके चीन की माइक्रो ब्लॉगिंग साइट वीबो पर बीस लाख फॉलोवर्स थे। वह उस पर करंट अफेयर्स पर आर्टिकल लिखा करते थे, लेकिन हाल ही में वीबो साइट ने उन्हें फोन करके राजनीतिक, इकोनॉमिक, सैन्य मुद्दों पर लिखने से रोक दिया। उनसे कहा गया कि वे चीन के इन सब मुद्दों पर कंटेंट पोस्ट न करें। 

इंटरनेशनल रिलेशंस प्रोफेसर ने 31 जनवरी को लिखा, ”अंतरराष्ट्रीय मामलों के शोधकर्ता और एक स्तंभकार के रूप में, मुझे ऐसा लगता है कि मैं केवल मनोरंजन, भोजन और पेय पर ही लिख सकता हूं।” मा अक्सर मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर पोस्ट करते थे। उनका लिखा हुआ कई लोगों को प्रभावित करता था, लेकिन अब ड्रैगन उनके जैसे लेखकों पर नई सेंसरशिप लेकर आ रहा है और यह अगले हफ्ते से लागू होगी। ब्लॉगर्स और इंफ्ल्यूएंसर्स को कुछ भी प्रकाशित करने से पहले सरकार द्वारा मंजूर किए गए क्रेडेंशियल की जरूरत होगी। लोगों को डर है कि अब सिर्फ सरकारी मीडिया और आधिकारिक प्रोपेगैंडा फैलाने वालों को ही जगह मिलेगी।

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उल्लेखनीय है कि साल 2017 से ही राजनैतिक और सैन्य मामलों पर लिखने के लिए लोगों को परमिट की जरूरत होती थी, लेकिन तब तक नियम पूरी तरह से लागू नहीं होते थे। नए नियम आने के बाद से लोगों को स्वास्थ्य, इकॉनोमिक्स, एजुकेशन और न्याय मामलों में भी लिखने के लिए ऐसे परमिट की जरूरत होने जा रही है। ताइवान की नेशनल सन यत-सेन यूनिवर्सिटी में चीनी सोशल मीडिया पॉलिसी के एक्सपर्ट तितुस चेन का कहना है कि रेग्युलेटर्स पूरी तरह से सूचना को नियंत्रित करना चाहते हैं। चीन के इस कदम से पहले के मुकाबले अधिक प्रतिबंध लागू होंगे। चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने ‘डिजिटल संप्रभुता’ को अपने शासन की एक केंद्रीय अवधारणा बना लिया है, जिसके तहत अधिकारियों ने सीमाएं तय की हैं और डिजिटल दायरे का नियंत्रण बढ़ाया है।

चीन के नए नियम व्यक्तियों को मूल सामग्री पोस्ट करने से प्रतिबंधित कर सकती है, जिसमें मा जैसे लोग भी शामिल हैं जो शी जिनपिंग की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को खुले तौर पर चुनौती नहीं दे रहे हैं। वीबो के सीईओ वांग गॉफी ने पर मा का जवाब देते हुए कहा कि आधिकारिक मीडिया द्वारा जारी समाचारों पर टिप्पणी की अनुमति दी गई थी, लेकिन टिप्पणीकार स्वयं ‘समाचार’ जारी नहीं कर सकते हैं। साइबरस्पेस प्रशासन द्वारा पोस्ट किए गए एक बयान के अनुसार, सार्वजनिक संशोधन और सूचना सेवा प्लेटफॉर्म को स्टैंडर्डाइज करने के लिए नीति संशोधन का मतलब है कि जनता की राय को सही दिशा में रखा जाए।

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