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वित्तीय वर्ष 2020-21 की आखिरी तिमाही शुरू हो चुकी है। अगर आप सैलरीड हैं, तो आपका एम्प्लॉइअर आपको टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्टमेंट का प्रूफ जमा करने के लिए बार-बार रिमाइंडर मेल भेज रहा होगा। कई कर्मचारी इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा कराने की जल्दबाजी में बगैर जानकारी के ही निवेश कर रहे होंगे। ऐसे कर्मचारियों और निवेशकों को निवेश संबंधी निर्णय अपने वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर करना चाहिए। हर निवेशक का मकसद बेहतर रिटर्न पाना होता है। टैक्स बचाना एक अतिरिक्त लाभ है। अगर आप वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के साथ-साथ टैक्स बचाते हैं तो वह सबसे बेहतर होगा। लेकिन आपको निवेश करने से पहले पता होना चाहिए कि आपकी प्राथमिकता क्या है? .

कम फायदेमंद वाली स्कीम में न करें निवेश
आखिरी समय में टैक्स बचाने के लिए हड़बड़ी में लोग ऐसे उत्पादों में निवेश कर बैठते हैं जो उनको फायदे की जगह नुकसान देता है। इससे बचाए गए टैक्स से ज्यादा पैसे का नुकसान हो जाता है। बिना किसी मकसद के सिर्फ टैक्स छूट का लाभ के लिए और टैक्स बचाने के लिए किसी संपत्ति में निवेश करना सही नहीं होता है। यह जान लें कि सभी निवेश पर अच्छा रिटर्न नहीं मिलता है। 

FD के अलावा भी हैं अन्य ऑप्शन 
वरिष्ठ नागरिक अपना पैसा लंबी अविध के लिए निवेश नहीं करते हैं। वे कर बचत के लिए एफडी को पसंद करते हैं क्योंकि यह सुरक्षित के साथ लॉक-इन पीरियड पांच साल का होता है। कई दफा बीमा मैनेजर एंडोमेंट प्लान को टैक्स फ्री रिटर्न वाला निवेशक विकल्प के तौर पर पेश करते हैं। वरिष्ठ नागरिक एफडी समझ निवेश कर देते हैं। बाद में वे फंस जाते हैं। 

पहले समझे कहां कर रहे हैं निवेश
आम निवेशकों को सरकारी बैंकों पर काफी भरोसा होता है। इस भरोसे का फायदा उठा कर बीमा कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर्स निवेशकों को बरगलाते हैं। वो एसएमएस, कॉल या ई-मेल के जरिए जो सूचना भेजते हैं उससे ऐसा लगता है कि संबंधित प्लान को किसी बैंक ने पेश किया है, भले ही यह एक बीमा पॉलिसी हो, जिसमें बैंक प्रमोटर के रोल में हो। वो ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि कुछ ग्राहक बीमा योजना का नाम सुनकर सतर्क हो जाते हैं, लेकिन बैंक की योजना में निवेश कर देते हैं। खासतौर से छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में ऐसे प्लान को यही कहकर बेचा जाता है कि इसे तो बैंक ने पेश किया है, लिहाजा यह सुरक्षित है।.

पहले चेक कर लें सारी जानकारी
वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी निवेश स्कीम पर तब तक भरोसा नहीं करना चाहिए जब तक वह कागजों में लिखा न हो। अक्सर एजेंट निवेश कराने के लिए गलत जानकारी देने से भी परहेज नहीं करते हैं। निवेशकों को लुभाने के लिए अनाप-शनाप रिटर्न का वादा कर देते हैं लेकिन वह ऐसा होता नहीं है।

पहले चेक करें सभी प्लान डिटेल्स
इन दिनों आपके पास कॉल, एसएमएसऔर ई-मेल के जरिए आयकर से बचने के लिए आकर्षक निवेश विकल्प के सुझाव आ रहे होंगे। इनमें से कई ऐसे विकल्प भी होंगे जो आपको कर बचत के साथ नियमित अंतराल पर टैक्स फ्री आय और परिपक्वता पर एकमुश्त रकम के अलावे बीमा कवर देने का वादा कर रहे होंगे। पहली नजर में आपको ये प्लान लुभावने लगेंगे लेकिन बाद में ये नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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