[ad_1]

‘दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं’ और ‘वक्त ने किया क्या हसीं सितम’ जैसे लोकप्रिय गानों को लिखने वाले शायर कैफी आजमी की आज 102वीं जयंती है। शबाना आजमी के पिता और गीतकार जावेद अख्तर के ससुर कैफी आजमी का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेजवां गांव में हुआ था। कैफी आजमी भले ही एक जमींदार परिवार में पैदा हुए थे, लेकिन उनका दिल हमेशा मजलूमों के लिए धड़कता था। कैफी आजमी ने भले ही पाकीजा, कागज के फूल, हीर रांझा और हकीकत जैसी फिल्मों के लिए गीत लिखे थे। लेकिन उनकी शायरी की शुरुआत ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से हुई थी।

यहां तक कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई भी छोड़ दी थी। इसके बाद वह फुल टाइम मार्क्सवादी बन गए थे। इस दौरान वह बॉम्बे चले गए और पार्टी के अखबार कौमी जंग को निकालने लगे थे। क्रांतिकारी स्वाभव के रहे कैफी आजमी की शादी का किस्सा भी बड़ा रोचक है। कहा जाता है कि वह हैदराबार में एक मुशायरे में गए थे और इसी दौरान उनकी मुलाकात शौकत से हुई थी, जिनसे उन्होंने बाद में शादी कर ली थी। शौकत आजमी ने बाद में थिएटर और फिल्मों में एक्टिंग के जरिए अपनी पहचान बनाई थी। 

सलमान ने इन 5 फिल्मों को छोड़ की बड़ी गलती, आमिर-शाहरुख को मिला फायदा

कैफी आजमी की कविताओं का पहला संग्रह ‘झंकार’ के नाम से 1943 में रिलीज हुआ था। उन्होंने एक गीतकार के तौर पर कई फिल्मों के गाने लिखे थे, लेकिन उन्हें खासतौर पर कागज के फूल, हकीकत और हीर रांझा के लिए याद किया जाता है। कागज के फूल मूवी के गाने ‘वक्त ने किया क्या हसीं सितम’ और पाकीजा के गाने चलते-चलते के लिए उन्हें याद किया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि कैफी आजमी की लोकप्रियता भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी खूब है। अकसर उनकी शायरी पड़ोसी मुल्क में भी सुनने को मिलती है। 

जैकलीन फर्नांडीज की ये तस्वीरें इंटरनेट पर हो रहीं वायरल, जानें वजह

अर्थ फिल्म के गाने ‘झुकी झुकी सी नजर’ को जगजीत सिंह की आवाज के लिए जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसे कैफी आजमी ने ही लिखा था। इस फिल्म में कैफी आजमी की बेटी शबाना ने एक्टिंग की थी। यह गीत बेहद लोकप्रिय रहा है। इसके अलावा जगजीत सिंह की गाई हुए एक और गजल ‘तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो’ को भी कैफी आजमी ने ही लिखा था।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here