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उत्तर प्रदेश के 3049 अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों में 1894 पदों पर भर्ती की तैयारी है। शिक्षा निदेशालय स्थित अपर निदेशक बेसिक कार्यालय की ओर से प्रधानाध्यापकों के 390 और सहायक अध्यापकों के 1504 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन न होने के कारण परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के माध्यम से भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराई जाएगी। 

सूत्रों के अनुसार फरवरी के दूसरे सप्ताह तक भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रदेश सरकार ने 4 दिसंबर 2019 को उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल अध्यापकों की भर्ती और सेवा की शर्तें) के सातवें संशोधन को मंजूरी दी थी। उसके बाद तमाम कोशिशों के बावजूद भर्ती शुरू नहीं हो सकी। 

इस बीच शिक्षकों की कमी को लेकर फतेहपुर के एक जूनियर हाईस्कूलों के प्रबंधक ने हाईकोर्ट में याचिका कर दी। जिस पर हाईकोर्ट गंभीर है। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर जल्द भर्ती शुरू करने की तैयारी में है। पूर्व में चार हजार के आसपास रिक्त पद बताए जा रहे थे लेकिन आरटीई के मानकों के अनुरूप जिलों से रिक्तियां मंगाने के बाद 1894 पदों की जानकारी मिली है।

मेरिट के आधार पर होगी भर्ती
भर्ती के लिए लिखित परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। पहले स्कूल प्रबंधक बेसिक शिक्षाधिकारियों से अनुमोदन लेकर भर्ती करते थे। संशोधित नियमों के अनुसार शिक्षक भर्ती की मेरिट के लिए अभ्यर्थी के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व प्रशिक्षण (बीटीसी/बीएड/या समकक्ष डिग्री) के लिए 10-10 प्रतिशत अंक मिलेंगे। 60 फीसदी अंक का अधिभार शिक्षक भर्ती परीक्षा में मिले अंकों पर मिलेगा। टीईटी या सीटीईटी में पास होना अनिवार्य है, इसके अंकों का कोई अधिभार नहीं मिलेगा।

क्लर्क और चपरासी की नहीं होगी भर्ती
इन स्कूलों में फिलहाल प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक की ही भर्ती की तैयारी है। क्लर्क और चपरासी की नियुक्ति नहीं होगी। स्कूल की साफ-सफाई परिषदीय स्कूलों की तरह ग्राम पंचायत व नगर निगम के सफाई कर्मियों से करवाई जाएगी। 

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