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इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप व्हॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में गुरुवार एक याचिका दायर की गई है, जिसमें इसके खिलाफ तुरंत प्रभाव से एक आदेश जारी करने की मांग की गई है। एक वकील ने व्हॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ याचिका दाखिल करते हुए इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताया है।

वकील चैतन्य रोहिल्ला द्वारा दायर किए गए इस याचिका में कहा गया है कि व्हॉट्सऐप ने ‘मनमाने तरीके’ से अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया है। इतना ही नहीं यूजर्स के लिए इसकी शर्तों को मानना भी अनिवार्य कर दिया है और अगर कोई इनकी शर्तों को नहीं मानता है, तो 8 फरवरी 2021 से उनके पोन पर व्हॉट्सऐप सर्विस समाप्त हो जाएगी।

व्हॉट्सऐप ने पिछले सप्ताह की शुरुआत में अपने उपयोक्ताओं को सेवा की शर्तों और गोपनीयता की नीति के बारे में अपडेट देना शुरू किया है। व्हॉट्सऐप ने इसमें बताया कि वह कैसे उपयोक्ताओं के डाटा का प्रसंस्करण करती है और उन्हें फेसबुक के साथ किस तरह से साझा करती है। अपडेट में यह भी कहा गया कि व्हॉट्सऐप की सेवाओं का उपयोग जारी रखने के लिए उपयोक्ताओं को आठ फरवरी, 2021 तक नई शर्तों व नीति से सहमत होना होगा। 

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